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Good morning shayari

सुबह का हर लम्हा हसीन हो जाता है तुम्हारी प्यारी-सी मुस्कान से, दिल को सुकून मिल जाता है तुम्हारी एक मीठी-सी बात से। यूँ तो रोज़ सूरज निकलता है रोशनी लेकर आसमान से, मगर मेरी सुबह ख़ास हो जाती है तुम्हारे दीदार से। Good Morning
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मोहब्बत की शायरी | इज़हार-ए-इश्क़, सच्चे प्यार, इंतज़ार और दर्द भरी Love Shayari in Hindi

मोहब्बत करते हैं, आज इज़हार हो रहा है, उनकी हर एक “ना” में छुपा “हाँ” का इकरार हो रहा है। नज़रों से वो कहती हैं, लबों से इंकार करती हैं, शायद इसी अदाओं से मेरा दिल बार-बार बेकरार हो रहा है। सब कुछ अपना बिखर चुका हूँ तुम्हारी चाहत में, अब और क्या बचा है मेरी इस मोहब्बत में। तुम्हें पाने की ख़्वाहिश में ख़ुद को खो दिया, अपना हर ख़्वाब सौंप दिया तुम्हारी मोहब्बत में। तुम मेरी मोहब्बत हो, मैं अपनी चाहत का इज़हार कर रहा हूँ, जो बात कह न सका लफ़्ज़ों में, आज वो दिल से कह रहा हूँ। तुमसे ही जुड़ी हैं मेरी धड़कनें, मेरी हर एक आरज़ू, तुम्हें अपना बनाने की ख़्वाहिश में हर पल बेकरार रहता हूँ। तुम्हारे बदले हुए इरादों से हर बार टूट जाता हूँ, तुम्हारी बेरुख़ी में ख़ुद से ही रूठ जाता हूँ। जिसे उम्रभर अपना समझकर दिल में बसाया था, उसके बदलने से मैं अंदर तक बिखर जाता हूँ। क्या तुमसे मोहब्बत की उम्मीद छोड़ दूँ, या तेरी ख़ामोशी को ही अपना जवाब मान लूँ? दिल आज भी तेरे लौट आने की राह तकता है, कह दो... तेरा इंतज़ार करूँ या तुझे भुला दूँ?

मोहब्बत, दर्द और बेवफ़ाई की शायरी | Love Shayari, Sad Shayari, Bewafa Shayari और दिल की बातें

मैं हद से ज़्यादा सताया गया हूँ, हर बार मोहब्बत में ही आज़माया गया हूँ। जिसे अपना समझकर सौंप दिया था दिल, उसी के हाथों सबसे ज़्यादा रुलाया गया हूँ। उसके सर पर चढ़ी है इस क़दर बेवफ़ाई, कि वफ़ा का नाम लेते ही चिढ़ जाती है आजकल। जिसे कभी मेरी मोहब्बत पर नाज़ हुआ करता था, वही मेरी सच्चाई से नज़रें चुराती है आजकल। वो मुझसे मोहब्बत खुलेआम करते हैं, मेरी हर बात पर अपना एतबार करते हैं। दुनिया की परवाह उन्हें ज़रा भी नहीं, वो अपने इश्क़ का हर पल इज़हार करते हैं। मिल रही हैं निगाहें तो प्यार भी होगा, मेरी हर बात पर उन्हें ऐतबार भी होगा। यूँ ही नहीं ठहरतीं उनकी नज़रें मुझ पर, दिल में मेरे लिए कोई इज़हार भी होगा। वो कौन-सी बात है, जो मुझसे छुपाई जा रही है, क्यों हर बार सच से नज़रें चुराई जा रही हैं। मैंने तो अपना हर राज़ तुम्हारे सामने रख दिया, फिर क्यों मुझसे कोई बात अब भी छुपाई जा रही है? हम दोनों के बीच में बस एक ही लड़ाई है, मैं चाहता हूँ मोहब्बत, उसे अपनी ही बात मनवानी है। मैं हर बार रिश्ते को बचाने की कोशिश करता हूँ, और उसे हर बार अपनी नाराज़गी जतानी है। हाल-ए-दिल सुनाया उन्हें तो, वो मेरी ख...

मोहब्बत, दर्द और बेवफ़ाई की शायरी | Mohabbat Dard Aur Bewafai Shayari | Love, Sad & Bewafa Shayari in Hindi

1. इंतज़ार और बेचैनी अब ज़रा भी सब्र नहीं बचा है इस दीवाने में, और तुम कहती हो अभी वक़्त लगेगा जन्नत दिखाने में। तेरी मोहब्बत ने बेचैन कर रखा है इस दिल को, अब देर मत करो, हालात यूँ ही रहे तो उम्र गुज़र जाएगी तुम्हें अपना बनाने में।  2. बदलता रवैया और दर्द तुम्हारा यह इरादा देखकर कोई भी टूट सकता है, जिसे तुम अपना समझते हो, वही तुम्हारे बदलते रवैये से रूठ सकता है। मोहब्बत में यूँ फ़ासले मत बढ़ाओ, तुम्हारी ख़ामोशी से कोई भी अंदर से टूट सकता है। 3. तेरी यादों का सिलसिला हर शाम तेरी यादों में नया इज़ाफ़ा हुआ है, तुमसे दूर रहकर भी मोहब्बत का सिलसिला और गहरा हुआ है। तेरी यादें साँसों में इस क़दर बस गई हैं, कि हर धड़कन पर बस तेरा नाम लिखा हुआ है।  4. आख़िर रिश्ता क्या है? मोहब्बत नहीं है तो साफ़ कह दो, दिल में क्या है, मेरे सवालों का जवाब दो, आख़िर तुम्हारे दिल में क्या है। इस मुद्दे पर एक बार मिल लो, तुम्हारा क्या कहना है, अगर मोहब्बत नहीं है, तो बता दो—आख़िर रिश्ता क्या है।  5. मीठी बातें और फ़रेब तुम्हारी मीठी-मीठी बातों में इस क़दर खो गए, तुम्हारे हर झूठ को सच समझकर ख़ुद से...

Hindi Shayari | Love, Wafa, Intezaar, Dard और Romantic Shayari in Hindi

1. मेरे किरदार पर सवाल उठाने वालों के लिए शायरी मेरे चरित्र पर सवाल उठाने वालों से बस इतना कहना है, इल्ज़ाम लगाना आसान है, मगर सच को समझना भी ज़रूरी है। हमने तो हर रिश्ते को दिल से निभाया है, किसी के कहने से हमारा किरदार बदल नहीं जाता। 2. तेरे दीदार के इंतज़ार की शायरी एक झलक को प्यासी हैं ये निगाहें मेरी, कब तक तरसेंगी ये मेरी चाहतें। तेरे दीदार की आरज़ू है दिल में बसी, कब पूरी होंगी ये मोहब्बतें मेरी। 3. दर्द-ए-दिल और वफ़ा की शायरी हम दर्द-ए-दिल की दवा ढूँढते हैं, नज़रों में तुम्हारी वफ़ा ढूँढते हैं। हर धड़कन में तेरा एहसास ढूँढते हैं, हम तन्हाई में भी तेरा पता ढूँढते हैं। मुकम्मल हो जाए ये इश्क़ हमारा, तेरे नाम में अपना जहाँ ढूँढते हैं। 4. बेइंतहा मोहब्बत की रोमांटिक शायरी इतनी मोहब्बत करता हूँ, लिख न सकूँगा शब्दों में, तुम्हारा ही ज़िक्र रहता है हर पल मेरी धड़कनों में। सारी दुनिया बेगानी लगती है तुम्हारे बिना, तुम ही वो शख़्स हो, जिसके बिना कुछ भी अपना नहीं लगता।

Love Shayari in Hindi | सच्चे प्यार, Romantic Mohabbat, Bewafa और इज़हार की शायरी

1. बेवफ़ा शायरी उस बेवफ़ा से दिल मत लगाना, वो हँसते-हँसते दिल तोड़ देती है। झूठे वादों से बहलाकर, फिर तन्हाई में छोड़ देती है। 2. इज़हार-ए-मोहब्बत शायरी मोहब्बत है तो इज़हार करो, यूँ न वक़्त बर्बाद करो, दिल में जो अरमान हैं, उनका खुलकर इज़हार करो। कह दो जो बात दिल में है, कहीं देर न हो जाए, अगर इश्क़ सच्चा है तो अपने जज़्बातों से इनकार न करो। 3. रोमांटिक लव शायरी ज़िंदगी में अँधेरा था, तुम चिराग बनकर आई हो, ग़म ने मार दिया था, खुशियों की बहार लाई हो। सूनी थी मेरी दुनिया, हर तरफ़ था तन्हाई का आलम, तुमने आकर मेरी ज़िंदगी को फिर मोहब्बत से सजाई हो। 4. दुआ शायरी तुम खुश रहना हर पल, मेरी दुआ तुम्हारे साथ है, मेरी हर धड़कन में आज भी तुम्हारी ही बात है। तुम्हें पाने की ज़िद नहीं, बस तुम्हारे चेहरे पर मुस्कान देखना है, तुम जहां रहो खुश रहो, मेरी हर दुआ तुम्हारे साथ है। 5. मोहब्बत शायरी जिस पर अपना बस नहीं चलता, क्या करे इंसान, जिसे दिल से चाहा, उसी में ढूँढता है अपना जहान। लाख समझाए ये दिल, कहाँ मानता है, मोहब्बत में अक्सर इंसान, ख़ुद से ही हार मानता है 6. हुस्न की तारीफ़ शायरी जो नशा है तुम्ह...

जिसे भूलना चाहता हूँ वही धड़कनों में बसी बैंठी है | दर्द और तन्हाई शायरी दर्द और तन्हाई शायरी

1. दर्द और तन्हाई जिससे दूर भाग रहा हूँ, वही तकलीफ़ बनी बैठी है, जिसे भूलना चाहता हूँ, वही धड़कनों में बसी बैठी है। हर बार खुद को समझाता हूँ अब लौटकर नहीं जाना, मगर मेरी तन्हाई हर बार उसी मोड़ पर खड़ी मिलती है। अजीब है ये दर्द भी… जिससे बचने के लिए पूरी दुनिया से दूर हो गया, आज वही शख़्स मेरी हर ख़ामोशी कि आवाज़ बनकर बैठा है। 2. निगाहों में प्यार मुझे देखना है अपना प्यार तुम्हारी निगाहों में, महसूस करना है अपनी मोहब्बत तुम्हारी बातों में। तुम यूँ ही मुस्कुराकर मुझे अपना होने का एहसास दिलाया करो, मैं हर पल खुद को पाना चाहता हूँ तुम्हारी चाहतों में। 3. ख़ामोशी और सवाल तुम्हें मुस्कुराकर देना पड़ेगा जवाब मेरे हर सवाल का, यूँ ख़ामोश रहकर तुम मुझे तड़पाया न करो। जो बातें छुपी है तुम्हारी निगाहों में, उसे लफ़्ज़ों में कहकर दिल बहलाया करो। 4. आँखों में छुपा इश्क़ तुम्हारी आँखें बोलती हैं, इसमें कोई शक नहीं है, हर एक नज़र में छुपा कोई राज़ कम नहीं है। बिना कुछ कहे ही सब कुछ कह जाती हैं तुम्हारी निगाहें, हर ख़ामोशी में भी इश्क़ साफ़ नज़र आता है।